Friday, September 20, 2019

आँखे :- इंसान की दो आँखे क्यों होती है ?

आँखे इंसान के शरीर का वो महत्वपूर्ण अंग होता है जिससे इंसान प्रकृति के दिये हुए सुंदर सौंधर्य का दीदार करता है बिना आँखों से इंसान का जीवन मात्र अँधेरे जैसा होता जिसमे केवल अंधकार के सिवाय कुछ नही होता किन्तु सवाल यह है कि जब हम लोग एक आँख से साफ देख सकते है तो भगवान ने हमको दो आँखे क्यू दी ?
Eye

इसके भी बड़ा कारण है जब हम लोग एक आँख से देख सकते है इसके बाबजूद भी भगवान ने हमको आँखे दी है इसके पीछे भी विज्ञान की रिसर्च है जो यह साबित करती है कि भगवान ने हमको दो आंखे क्यू दी ?

Blue Eyes

विज्ञान के अनुसार :-

विज्ञान के अनुसार हमारी केवल एक आँख 150° डिग्री का एंगल बनाती है जिससे हम लोगों को चारों तरफ देखने मे परेशानी और चक्कर आने लगते है | वही दूसरी तरफ हमारी दो आँखे मिलकर 180° डिग्री का एंगल बनाती है जिससे हम चारो तरफ बिना किसी चक्कर के देख सकते है | दो आँखों से हमको क्लियर व्यू दिखाई देता है और हमको बिना किसी परेशानी के काफी दूर तक भी देख सकते है | इसी कारण से भगवान ने सभी को दो आँखे दी है जिससे हर कोई अपने चारों तरफ देख सके |


Black Eyes

पानी मे हल्दी मिलाकर पीने से क्या फायदे होते है ?

उम्मीद है कि अब आपको पता चल गया होगा कि भगवान ने इंसानो और जानवरों को दो आँखे क्यू दी है 
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गर्मियों में भी पहाड़ी इलाके खंड क्यो होते है ?

गर्मी....  जिसका नाम सुनकर हम लोगों को बैचेनी और पसीने छूटने  लगते है और इसी बैचेनी को दूर करने के लिए हम गर्मियों के सीजन में पहाड़ी इलाको  जैसे कि शिमला , कश्मीर , श्रीनगर , स्वेरलैंड , आदि की तरफ चलने लगते है और अपना समय पहाड़ी इलाकों में बिताना पसंद करते है | 

किंतु कभी आपने यह सोचा है कि जहाँ गर्मियों के सीजन में  गर्मी से सब चीज़ गर्म और पिघलने लगती है वही दूसरी तरफ पहाड़ी इलाके इतने ठण्डे होते है कि हम गर्मी नाम के शब्द को भी भूल जाते है इसके पीछे क्या कारण है जिससे भीष्म गर्मियों में भी पहाड़ी इलाके ठण्डे होते है आइये जानते है ?


विज्ञान की दृष्टि से :-

1. पहला कारण

विज्ञान के अनुसार पहाड़ो की ऊँचाई ज्यादा होती है जिसकी वजह से हवा और डस्ट पार्टिकल की संख्या कम और  बारिश की मात्रा अधिक होने लगती है जिसके कारण पहाड़ी इलाके गर्मियों में भी ठण्डे होते है


2. दूसरा कारण

पहाड़ों के ऊँचाई ज्यादा होने के कारण भी सूर्य के किरणे पहाड़ो की जमीन पर ज्यादा देर तक नही रहती जिसके कारण पहाड़ो पर हीट का प्रभाव कम होता है जिसके कारण पहाड़ ठंडे रहते है |
उम्मीद है कि अब आपको पता चल गया होगा कि गर्मियों में भी पहाड़ी इलाके ठंडे क्यों होते है |

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समुद्र का पानी खारा क्यों होता है ?

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Tuesday, September 10, 2019

नाखून या बाल कटबाते समय दर्द क्यो महसूस नही होता ?

जब भी खेलते समय या दैनिक जीवन के कार्य करते समय चोट लगती है तो हमारे शरीर मे से खून निकलने के साथ - साथ दर्द भी होता है 


लेकिन जब हम अपनी उंगली के नाखून या सिर के बाल काटते है तब हमको किसी भी प्रकार का दर्द महसूस नही होता और न ही कोई तकलीफ होती है ऐसा क्यों ? वही दूसरी तरफ हमको छोटी सी चोट लगने के कारण हमको असहन पीड़ा (दर्द)  होती है ऐसा क्यों ? इसके पीछे क्या कारण है जिसकी वजह से बाल या नाखून काटते समय दर्द नही होता | आइये जानते है |


क्यो गंगा का पानी बोतल में ज्यादा समय रखने के बाबजूद खराब नही होता ?

विज्ञान के अनुसार :-

विज्ञान के अनुसार शरीर मे दर्द तब होता है जब चोट हड्डी या नर्व्स में लगी हो | जिससे हमारे शरीर के खून का सर्कुलेशन प्रभावित हो जाता है जिससे परिणाम स्वरूप हमको दर्द महसूस होने लगता है | लेकिन जब हम नाखून या बाल काटते है तो इसमें न हो हड्डी होती है और न ही नर्व्स जिससे हमारा ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित नही होता और न ही किसी प्रकार का दर्द महसूस होता है |


उम्मीद है कि आपको पता चल गया होगा कि नाखून या बाल काटते के समय दर्द क्यो महसूस नही होता |

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Saturday, August 31, 2019

चाकू और कैची पैनी और पतली क्यो होती है ?

चाकू और कैची दोनों ही हमारे दैनिक दिनचर्या में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु है | कैची का इस्तेमाल हम कपड़े काटने के लिए करते है वही दूसरी तरफ चाकू का इस्तेमाल हम खाना बनाते समय सब्जी काटने के लिए करते है | किन्तु कभी आपने ध्यान दिया है कि चाकू और कैची दोनों ही पैने और साइज में पतले क्यो होते है | अगर नही तो बता दे इसके पीछे विज्ञान ही है जिसकी वजह से चाकू और कैची दोनों पैने और पतली होती है |

inchitape,meter,rope
scissor with inchitape

orange,lemon
knife with lemon and orange

●●  ट्रक के टायर्स साइज में बड़े और चौडे क्यों होते है ?

विज्ञान के अनुसार :-

प्रेशर एरिया के विपरीत होता है |

      मतलब     प्रेशर =  फ़ोर्स / एरिया ;

इसका तात्पर्य यह है कि जैसे - जैसे एरिया बढ़ेगा वैसे - वैसे प्रेशर भी घटता जाएगा  या जैसे - जैसे प्रेशर बढ़ेगा वैसे - वैसे एरिया भी घटता जाएगा |

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चाकू

●●  समुद्र का पानी खारा क्यों होता है ?

चाकू और कैची का इस्तेमाल सब्जी व कपड़े काटने के लिए होता है यदि हम चाकू या कैची को पतला और पैना रखेंगे तो एरिया कम होने की वजह से कम एनर्जी में हम किसी भी चीज़ को काट सकते है मगर यदि हम चाकू या कैची को मोटा रखेंगे तो एरिया ज्यादा होने की वजह से प्रेशर कम लगेगा और एनर्जी ज्यादा | जिससे किसी वस्तु को काटने में मुश्किल होगी | इसलिए चाकू और कैची दोनों ही पैनी और पतली होती है |

sharpen,cloth cutter
कैची

●● नींबू,संतरा,टमाटर का टैस्ट खट्टा क्यों होता है ?

उम्मीद है कि अब आपको पता चल गया होगा कि चाकू और कैची को हम पतला और पैना क्यू रखते है |

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पतंग हवा में कैसे उड़ती है ?

पतंग.... एक ऐसा शब्द जिसे सुनकर बच्चों मे इसे ( पतंग ) हवा में उड़ाने लिये उत्सुकता होती है और वही दूसरी तरफ बड़ो को अपना बचपन और छतों पर कूदना याद आ जाता है |

children kite


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child run with kite
पतंग उड़ाना सबको पसंद है किन्तु कभी आपने सोचा है कि पतंग हवा में कैसे उड़ती है ? पतंग में न तो कोई इंजन होता है न ही उसके कोई पंख होते है जो उसे हवा में उड़ा सके | फिर भी वह हवा में उड़ सकती है ऐसा क्यों और कैसे ? अगर आपको नही पता तो हम बता दे कि इसके पीछे विज्ञान और प्रकृति है जो उस हवा में उड़ाने में सहायक होती है |

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पतंग

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विज्ञान के अनुसार :-

हवा एक प्रकृति का दिया हुआ तोहफा है जिससे हम लोग अपने जीवन मे सहेजशीलता महसूस करते है और प्रकृति के इसी उपहार से हम पतंग को हवा में भी उड़ा सकते है कैसे ?

patang,string
kites

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●●  समुद्र का पानी खारा क्यों होता है ?

जब पतंग को हम प्रारंभ में उड़ाना शुरू करते है तो हवा के द्वारा पतंग पर ऊपर की तरफ फ़ोर्स लगता है और पतंग का ऊपरी हिसा कोनिकल शेप का होने के कारण पतंग का मोमेंटम बदलने लगता है जिससे पतंग आगे और ऊपर की तरफ उड़ने लगती है जिसे देख हम लोग उस  पतंग से बंधी डोरी से निरंत्रित करते है | इस प्रकार पतंग हवा की मदद से उड़ने लगती है और हवा का प्रेशर ज्यादा होने की वजह से कभी कभार पतंग की डोरी स्वयं टूट जाती है |

उम्मीद है कि आपको पता चल गया होगा कि पतंग हवा में कैसे और क्यों उड़ती है |

●●  ट्रक के टायर्स साइज में बड़े और चौडे क्यों होते है ?

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Wednesday, August 21, 2019

क्यो :- गंगा का पानी बोतल में ज्यादा समय रखने के वाबजूद खराब नही होता ?

गंगा हमारे देश की सभी पवित्र नदियों में से एक है | गंगा को हमारी भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय नदी का दर्जा दिया गया है और हिन्दू मान्यताओं में गंगा को माँ समान माना गया है और इसकी हर रोज़ आरती भी की जाती है | सावन के महीने में लोग शिव भगवान को प्रसन्न करने लिए भी उनको गंगा का जल अर्पित करते है जिससे शिव भगवान प्रसन्न होकर उनकी सभी मनोकामना पूरी करे | इतना ही नही गंगा को पूजा पाठ के समय भी भगवान का स्नान कराने के लिये भी इस्तेमाल किया जाता है इसलिए लोग गंगा को बोतल में भरकर अपने साथ ले जाते है किन्तु कभी आपने सोचा है कि गंगा का पानी बोतल में काफी समय रखने के वाबजूद खराब नही होता वही दूसरी तरफ साधारण पानी 1-2 दिन में ही खराब हो जाता है ऐसा क्यू ?


विज्ञान के अनुसार :-

गंगा एक पवित्र नदी है जिसमे बक्टेरिऑफगे ( bacteriophage ) नाम का वायरस होता है जो कि केवल गंगा में ही पाया जाता है और गंगा के पानी को खास बनाता है बक्टेरिऑफगे नाम का वायरस गंगा के हानिकारक किटाणु को खत्म कर देता है और गंगा के पानी को बोतले में अधिक समय तक ठीक रखता है | इसी वजह से गंगा का पानी खराब नही होता है |


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Sunday, August 18, 2019

दूध को इस्तेमाल करने से पहले क्यो उबालना चाहिए ?

दूध हमारे रोज़मर्रा में इस्तेमाल की जाने वाली साधायण चीज़ है जिससे हमारे शरीर का शारिरिक एवं मानसिक विकास होता है | दूध में मौजूद प्रोटीन , मिनरल्स आदि की वजह से दूध बच्चों के लिए भी बहुत लाभदायक होता है किंतु कभी आपने सोचा है कि दूध पीने से पहले हमे दूध को क्यो उबालना चाहिये ? दूध में मौजूद प्रोटीन , मिनरल्स हमारे शरीर के लिए लाभदायक होते है इसके लिए हमको दूध उबालने की क्या जरूरत है |  हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि बिना उबाले दूध का सेवन करना हमारे लिए उसके फायदे के कई गुना नुकसान दायक होता है | आइये जानते है क्यू ?


विज्ञान के अनुसार :-

गाय का दूध हो , चाहे किसी और पशु का जैसे कि भैस , बकरी , भेड़ आदि | इनके दूध के इस्तेमाल करने से पहले इनको उबाल लेना ही अच्छा होता है | विज्ञान की दृष्टि से दूध में साल्मोनेला नाम का कीटाणु पाया जाता है जो कि इंसान के शरीर के मानसिक एवं शारिरिक विकास के लिए हानिकारक होता है इस ( साल्मोनेला ) नाम के कीटाणु को खत्म करने के लिए दूध को उबालना आवश्यक होता है जिससे यह कीटाणु नष्ट हो जाये | इसी कारण से हम लोग दूध का इस्तेमाल करने से पहले उसे उबालते है |


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उम्मीद है कि आपको हमारा यह ब्लॉग पढ़कर पता चल गया होगा कि दूध को इस्तेमाल करने से पहले क्यो उबालना चाहिए |

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Tuesday, August 13, 2019

ट्रक के टायर्स साइज में बड़े और चौड़े क्यो होते है ?

बस , ट्रक , ट्रैक्टर इत्यादि आज के आधुनिक जीवनशैली की अत्यधिक महत्वपूर्ण अविष्कार है जिसका प्रयोग हम वस्तु को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए करते है |  बस , ट्रक , ट्रैक्टर , मोटरसाइकिल इत्यादि के बिना जीवन मे किसी वस्तु की चाहत रखना भी असम्भव है | आज के जीवन मे मोटरसाइकिल , बस आदि हमारे जीवन की साधारण सी जरूरत बन गयी है किंतु कभी आपने ध्यान दिया है कि बस , ट्रक , ट्रैक्टर के टायर्स साइज में बड़े और चौडे होते है वही दूसरी तरफ मोटरसाइकिल के छोटे ? ऐसा क्यों | इसके पीछे भी विज्ञान ही है जिसकी वजह से बस , ट्रक , ट्रेक्टर आदि के टायर्स साइज में बड़े और चौडे होते है और मोटरसाइकिल के नही |





विज्ञान की दृष्टि से :-

बस , ट्रक , ट्रैक्टर आदि अपने से भारी वस्तु को एक जगह से दूसरी जगह को ले जाने के लिये इस्तेमाल किये जाते है जिसकी वजह से ट्रक , बस , ट्रैक्टर आदि पर जरूरत से ज्यादा प्रेशर हो जाता है

             प्रेशर  ==   फ़ोर्स / एरिया

यह प्रेशर एरिया से उल्टा होता है मतलव की अगर एरिया ज्यादा हुआ , तो प्रेशर कम होगा | यदि एरिया कम हुआ , तब प्रेशर ज्यादा होगा |

इसलियें बस , ट्रक , ट्रैक्टर के ऊपर से प्रेशर कम करने के लिए उनके टायर्स के साइज बड़े और चौडे होते है जिसके सारा प्रेशर टायर्स में आ जाये और एरिया ( साइज ) ज्यादा होने की वजह से प्रेशर का प्रभाव कम हो जाये | इसी कारण से बस , ट्रक , ट्रैक्टर आदि के टायर्स साइज में बड़े और चौडे होते है 


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Saturday, August 10, 2019

समुद्र का पानी खारा क्यू होता है

पानी हमारे जीवन की एक प्रमुख वस्तु है जिसे हम लोग अपनी प्यास भुजाने के लिये पीते है  चाहे कोई इंसान हो या कोई जानवर कोई भी बिना पानी के 2-3 दिन के अधिक जिन्दा नही रह सकता | लेकिन कभी आपने सोचा है कि जो पानी हम पीते है वो खारा नही होता और बिना किसी समस्या के पी जाते है , वही दूसरी तरफ समुद्र का पानी इतना खारा होता है कि हम उसे जीप पर भी नही रख सकते | क्या आपने कभी सोचा ऐसा क्या कारण है इसके पीछे |
इसके पीछे विज्ञान के कुछ तृत्थ है जिसकी वजह से समुद्री पानी खारा होता है |


विज्ञान की दृष्टि से :-

विज्ञान की दृष्टि से पानी हमारे जीवन के लिये बहुत महत्वपूर्ण है विज्ञान के अनुसार :-  कोई व्यक्ति बिना खाने के 15 - 20 दिन तक जीवित रह सकता किन्तु बिना पानी के नही | इसलिए पानी खाने से भी अधिक महत्वपूर्ण है
किन्तु सवाल यह है कि समुद्र का पानी खारा क्यों होता है ?  इसका कारण है सोडियम क्लोराइड  ( NACL2 ) है सोडियम क्लोराइड टैस्ट में खारा होता है और समुद्र में अधिक मात्रा में पाने की वजह से समुद्र का पानी खारा होता है


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क्या आपको पता है कि समुद्र में सोडियम क्लोराइड कहा से आता है ?

जवाब :-  जब समुद्र का पानी बड़े - बड़े खारा चट्टानों के बीच मे से बहता है तब कुछ चट्टानों के पत्थर पानी के साथ बहकर पानी मे ही धूल जाते है जिसकी वजह से समुद्र के पानी सोडियम क्लोराइड पाया जाता है |


यह है विज्ञान का तृत्थ जिसकी वजह से समुद्र का पानी खारा होता है |

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Monday, August 5, 2019

पानी मे हल्दी मिलाकर पीने से क्या फायदे है ?

हल्दी हमारे जीवन मे रसोई में खाना पकाने के समय उपयोग की जाने वाली साधायण वस्तु है किन्तु क्या आपको पता है यदि हम हल्दी को पानी मे मिलाकर पीये , तो यह हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिए कितना लाभदायक शीध् हो सकता है विज्ञान के अनुसार हल्दी के कही फायदे है जो कि हमारे शरीर के स्वास्थ को प्रभावित करते है आइये जानते है क्या है यह फायदे ?



विज्ञान की दृष्टि से :-

विज्ञान के दृष्टि से हल्दी के कही फायदे है जिनका उल्लेख नीचे दिया गया है :-

1.  गुनगुने पानी मे हल्दी मिलाकर पीने से हमारा दिमाग तेज होता है जो कि दैनिक कार्यों को करने में सहायता करता है |

2.  लीवर की समस्या वाले लोगो के लिऐ हल्दी किसी जलीबूत से कम नही है हल्दी का पानी टॉक्सिक लीवर के शेल्स को ठीक करता है और उसे सुचाऊ रूप से कार्य करने में सहायक भी होता है 

3.  हल्दी खून को गाढ़ा होने से रोकती है जिससे हार्ट अटैक की संभावनाएं कम हो जाती है

4.  हल्दी शरीर मे किसी भी तरह की सूजन को खत्म करने की लिये भी लाभदायक है



5.  हल्दी कैंसर से पीड़ित लोगों के बहुत लाभदायक है हल्दी कैंसरयुक्त है मतलव कि हल्दी कैंसर की बीमारी का रामबाण उपाय है हल्दी के सेवन से कैंसर की बीमारी को ठीक किया जा सकता है |

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6.  हल्दी के सेवन से हमारा खून साफ होता है जिससे भुखार , टाइफाइड जैसी बीमारी होने के आसार कम हो जाते है |

दोस्तों यह है कुछ हल्दी के फायदे जिसकी वजह से आपको हप्ते में कम से कम 2-3 तो सेवन करना चाइये 

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Tuesday, July 30, 2019

नींबू , संतरा , टमाटर आदि का टेस्ट खट्टा क्यू होता है ?

संतरा , नींबू , टमाटर हमारे जीवन के खानपान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है संतरा , नींबू , टमाटर आज के जीवन में भोजन के समय ग्रहण करने वाली साधायण चीज़े है किन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि इन्ह सभी खाने वाली चीज़ों का टेस्ट खट्टा क्यू होता है ? इसके पीछे क्या कारण है जो कि इन्हें खट्टा बनाये रखती है न कि मीठा या तीखा ? दोस्तों इसके पीछे विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण कारण है जो कि संतरा , टमाटर , नींबू , जैसी चीज़ों कालोग सूर्य को जल क्यू डालते है ? टेस्ट खट्टा रहता है आइये समझते है


विज्ञान के अनुसार :-

दोस्तों , विज्ञान के अनुसार  संतरा , नींबू , टमाटर जैसी खाने वाली चीज़ों में oxalic acid और citric acid नामक नाम के पदाथ पाये जाते है जिनका टेस्ट खट्टा होता है और इन्हीं पदाथों के कारण ही संतरा , नींबू , टमाटर टेस्ट में खट्टे होते है


●◆  critic acid और oxalic acid के कारण ही  हम लोग संतरे , नींबू , का इस्तेमाल चेहरे के  निखार और मुँहासे हटाने के लिये करते है |

यह भी पढ सकते है :-

★  किस कारण से हमारा खून लाल रंग का होता है ?

★  लोग सूर्य को जल क्यों डालते है ?



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Sunday, July 28, 2019

समुंद्री जहाज पानी में क्यो नही डूबती है ?

समुंद्री जहाज आज के विकसित और अल्कपनिये विज्ञान का दिया हुआ एक अद्भुत अविष्कार है जिसे आज के जमाने के लोग पानी के द्वारा यात्रा करने के लिये इस्तेमाल करके है इसमे कोई शक नही है कि समुंद्री जहाज ने पानी के द्वारा हमारी यात्रा को काफी सुखद और साथ ही काफी मनोरंजन भी बना दिया है किन्तु क्या आपको पता है कि समुंद्री जहाज पानी मे डूबती क्यू नही है ? और दूसरी तरफ  छोटी सी सुई डूब जाती है ? इसके पीछे विज्ञान ही है जिससे छोटी सी सुई डूब जाती किन्तु पानी का जहाज नही डूबता | चलिये जानते है इसके पीछे विज्ञान का कौन सा तृत्थ है |


विज्ञान के अनुसार :-

जब कोई बस्तु पानी में रहती है तब पानी उस बस्तु पर ऊपर की तरफ force लगाती है जिसकी वजह से वह बस्तु पानी मे तैरने लगती है पानी द्वारा लगाया गया फ़ोर्स उस बस्तु की size पर निर्भर करता है वस्तु का साइज जितना बड़ा होगा , पानी द्वारा फ़ोर्स भी उतना ही ज्यादा होगा | इसलिये समुंद्री जहाज का साइज बड़ा होने की वजह से उसपर ऊपर की तरफ पानी के द्वारा फ़ोर्स ज्यादा लगता है और पानी मे डुबती नही है वही दूसरी और सुई का साइज कम होने की वजह से उस पर कम फ़ोर्स लगता है इसलिये सुई पानी मे डूब जाती है |



यह भी पढ़ सकते है :-

  

दोस्तों यही वजह है कि पानी मे जहाज नही डूबता और छोटी सी सुई डूब जाती है |

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Saturday, July 27, 2019

किस कारण से हमारा खून लाल रंग का होता है ?

जब भी हमारे खेलते समय या दैनिक जीवन के कार्य करते समय चोट लगती , तब हमारे शरीर में से लाल रंग का खून निकलने लगता है | किंतु कभी आपने सोचा है कि खून लाल रंग का ही क्यों होता है | अब यहां एक कहाबत याद आती है | मानते सब है किन्तु जानते कोई नही है | इसका मतलब है पता सबको है कि खून लाल रंग का होता है किन्तु जानते कोई नही है कि खून लाल रंग का क्यों होता है | अगर आपको नही पता तो हम बताते है |


हमारे शरीर मे तीन तरह की सेल्स होती है |

1.  रेड ब्लड सेल्स ( red blood cells )
2.  वाइट ब्लड सेल्स ( white blood cells )
3.  ब्लड प्लेटलेट्स ( blood platelets )

इन्ह तीनो सेल्ससो में से रेड ब्लड सेल्स अधिक मात्रा में होता है जिसका रंग लाल होता है जो कि हमारे शरीर के अन्य सेल्स वाइट ब्लड सेल्स और ब्लड प्लेटलेट्स के सेल्स रंग को फीका कर लाल रंग को अधिक मात्रा में प्रभावित करता है जिसका परिणाम स्वरूप हमारा खून , मास लाल रंग का होता है |


दोस्तों , हमारा यह ब्लॉग आपको कैसा लगा , हमे कमेंट करके जरूर बताये , आपका एक कमेंट भी हमारी बहुत सहायता करेगा और आगे के लिए प्रोत्साहित भी करेगा  |

धन्यवाद |

एक साल में 365 दिन ही क्यों होते है ?

दोस्तों , आपके हमारे इस ब्लॉग में फिर से स्वागत है | आज हम आपको बताएंगे कि एक साल में 365 दिन ही क्यों होते है ?
दोस्तों , जब भी आपसे कोई पूछता है कि बताओ एक साल में कितने दिन होते है तो आपका जवाब होता है| 365 दिन | परन्तु कभी आपने यह जानने का प्रयास किया है कि एक साल में 365 दिन ही क्यों होते है | अब आप कहेंगे कि हमारे टीचर ने यही बताया है कि एक साल में 365  दिन होते है | किंतु यह इसका कारण नही है इसके पीछे का मुख्य कारण विज्ञान  है जो कि यह साबित करती है कि एक साल में 365 दिन होते है |



विज्ञान के अनुसार :-

यह बात तो सब जानते है कि पृथ्वी सूर्य के चारो तरफ चक्कर लगाती है | और विज्ञान की भाषा मे एक साल में उतने दिन होते है जितने पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर पूरा करने के लिए लेती है |
पृथ्वी सूर्य का एक पूरा चक्कर लगाने के लिऐ 365 दिन , 5 घण्टे , 48 मिनट्स और 47 सेकंड्स लेती है | इसे साधारण शब्दों में याद रखने के लिऐ हम केवल 365 दिन ही को ध्यान में रखते है और मान लेते है कि एक साल में 365 दिन होते है बाकी बचे समय को हर साल जोड़ देते है जिसका परिणाम स्वरूप हर चार साल बाद 1 दिन अतिरिक्त हो जाता है जिसे हम फरवरी के महीने में जोड़ देते है | इसलिए हर चार साल बाद फरवरी में 29 दिन होते है |


दोस्तों , यही कारण है कि एक साल में 365 दिन होते है और हर चार साल बाद फरवरी के महीने में 29 दिन हो जाते है |

जिस साल फरवरी में 29 दिन होते है उस साल को लीप ईयर ( leap year ) के नाम से जाना जाता है |
आशा है कि आपको हमारा यह ब्लॉग अच्छा लगा होगा , अगर नही तो हमे कमेन्ट करके जरूर बताएं कि आपको क्या अच्छा नही लगा|

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धन्यवाद |

रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical शेप का क्यू होता है ?

दोस्तों आपने बहुत सी रॉकेट organistion के बारे में सुना होगा जैसे कि NASA , ISRO जो भिन्न भिन्न तरीके के रॉकेट और सैटेलाइट बनाकर अंतरिक्ष मे भेजती है किन्तु क्या आपको पता है कि सारी organisation के रॉकेट का ऊपर वाला हिस्सा conical ही क्यों होता है इसके पीछे भी विज्ञान है जिसकी वजह से प्रत्येक रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical ही होता है 


विज्ञान के अनुसार :-
विज्ञान के अनुसार रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical आकार का होना आवश्यक है इसके पीछे विज्ञान के दो कारण है

पहला कारण :-

1.  हवा का प्रेशर :- जब भी रॉकेट हवा में    उड़ान भरता है तो सबसे पहले हवा के द्वारा प्रेशर ही रॉकेट को प्रभावित करता है इसलिए आसमान में हवा के प्रेशर को कम रखने के लिऐ रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical shape का होता है |

दूसरा कारण :-

2.  तापमान ( हीट ) :- जैसे जैसे रॉकेट आसमान मे ऊपर की और चला जाता है उसके साथ ही उसका तापमान भी ऊपर की और बढ़ने लगता है जिसकी वजह से रॉकेट के फटने की सम्भावना अधिक हो जाती है इसलिये रॉकेट के तापमान को संतुलित रखने के लिये भी रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical शेप का होता है |



दोस्तों यह है विज्ञान के दो कारण जिसकी वजह से रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical शेप का होता है
आपको हमारा यह ब्लॉग कैसा लगा comment करके जरूर बताये और इसे अपने दोस्तों को भी बताए |

धन्यवाद |

Monday, July 22, 2019

हवाई जहाज आसमान में क्यों और कैसे उड़ता है ?

हवाई जहाज आज के विकसित और अल्कपनिये विज्ञान का दिया हुआ चमत्कारी अविष्कार है | जिसे हम अपने दैनिक जीवन मे हवाई यात्रा के दौरान इस्तेमाल करते है इसमें कोई शक नही है कि आज के इस भागदौड़ जीवन में हवाई जहाज ने हमारी दैनिक जीवन की यात्रा अत्यधिक सुखद और लाभदायक बना दी है और हमारे यात्रा के समय को काफी हद तक कम कर दिया है किन्तु क्या आपको पता है कि हवाई जहाज हवा में क्यों उड़ता है ? इसके पीछे कौनसी शक्ति है जो हवाई जहाज को आसमान में उड़ा देता है आप कहिंगे कि हवाई जहाज का इंजन है जो हवाई जहाज को हवा में उड़ा देता है लेकिन नही |

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Aeroplane.

●●  पतंग हवा में कैसे उड़ती है ?

आपको बता दू अगर इंजन ही किसी चीज़ को आसमान में उड़ा सकता तो आज के इस आधुनिक विज्ञान क्षेत्र मे सब चीज़ हवा में उड़ती नजर आती | हवाई जहाज के पीछे की शक्ति है उसकी पंखडी | जो कि हवाई जहाज को आसमान में उड़ाने में सहायक होती है अब आप सोचेंगे कि कैसे ?

हवाई जहाज

●●  रॉकेट का ऊपरी हिस्सा कॉनिकल शेप का क्यों होता है ?

विज्ञान के अनुसार :-

हवाई जहाज की पंखडी एक विशेष आकार की होती है उसका ऊपरी हिस्सा curved आकार और निचला हिस्सा flat होता है जिसकी वजह से इस आकार को aeroflies ( हवाई जहाज की पंखडी ) कहते है जब हवा aeroflies से गुजरती है तो हवा curved आकार के हिस्से से जल्दी गुजर जाती है जिसकी वजह से aeroflies पर ऊपर की तरफ से कम प्रेशर लगता है और flat वाले आकार से देरी से गुजरती है जिसकी वजह से  प्रेशर नीचे से ऊपर की तरफ ज्यादा लगता है और जैसे जैसे हवाई जहाज की स्पीड तेज होने लगती है aeroflies से pressure नीचे से ऊपर की तरफ ज्यादा  होने लगता है और हवाई जहाज हवा में उड़ने लगता है

Transparent Like aeroplane.

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Sunday, July 21, 2019

मंदिरों में घंटे क्यो लगाये जाते हैं ?

मानते सब है किन्तु जानते कोई नही है | जी हाँ आप ने सही पढा | हम जब भी भगवान की पूजा करते है उससे पहले हम  घंटी जरूर बजाते है और यह पूजा करने की प्रथम प्रतिक्रिया भी है परन्तु आपको पता है कि मंदिरों में घंटे क्यो लगाये जाते है और हम पूजा करने से पहले क्यो बजाते है ?  इसके पीछे भी हमारी प्रचलित हिन्दू मान्यता है | आइये इसे जानने का प्रयास करते है |


हिन्दू मान्यता के अनुसार :-

मंदिरों में घंटा लगे होने के अनेक कारण है |

1. प्रथम तो मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित देवता भी जागृत हो जायें | घंटे की ध्वनि से अनिष्टों का निवारण होता है | पुराणो और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जब प्रलयकाल के बाद सृष्टि हुई उस समय घंटे की धार्मिक के समान ही नाद ( आवाज ) हुआ था |

2. दूसरा घंटे की ध्वनि सुनकर लोग जान जाते हैं कि मंदिर में प्रतिष्ठित देवी या देवता की आरती आरम्भ हो चुकी है | अतः जो आरती में सम्मिलित होने के उत्सक है वे शीघ्रता से पहुंचे और जो नही पहुंच सकते , वे जहाँ पर है वही पर खड़े होकर ध्यान कर लें |

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धन्यबाद |

कलाई में पूजा पाठ के समय लोग मौली या कलावा क्यो बाँधते है ?

मानते सब है किंतु जानते कोई नही ? जी हां आप ने सही पढ़ा | हम हमेशा कलाई में पूजा पाठ के समय मौली या कलावा बाँधते है | परन्तु आपको पता है ऐसा क्यों करते है | इसके पीछे भी हमारी  हिन्दू मान्यता और विज्ञान के कुछ तथ्य है | आइये जानते है क्या है इसके पीछे ??


हिन्दू मान्यता से अनुसार :-

शास्त्रो को मत है कि हाथ मे मौली बाँधने से त्रिदेवों ( ब्रम्हा , विष्णु , महेश ) और तीनों देवियों ( लक्ष्मी , सरस्वती , और काली ) की कृपा प्राप्त होती है | माँ लक्ष्मी की कृपा से धन संपत्ति , माँ सरस्वती की कृपा से विद्या-बुद्धि और माँ काली की कृपा से शक्ति प्राप्त होती है | इसलिए कलाई में पूजा पाठ के समय लोग मौली या कलावा बाँधते है |


विज्ञान ( science )  के अनुसार :-

शरीर विज्ञान के अनुसार त्रिदोष ( वात , पित्त और  कफ ) का शरीर पर आक्रमण नही होता क्योंकि एक्यूप्रेशर चिकित्सा के अनुसार रक्त का संचार  नाड़ियों में मौली से घषर्ण करते हुए होता है | घषर्ण से रक्त्त के संचार में शीतलता नही आती जिस कारण त्रिदोष होने का भय नही रहता |

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Thursday, July 4, 2019

लोग सूर्य को जल क्यों चढ़ाते हैं ?

मानते सब है लेकिन जानते कोई नही | जी हां आप ने सही पढा हम लोग सुबह नहाने के बाद पहले सूर्य को जल अर्पित करते है फिर उसके बाद हम कोई काम करते है | किन्तु आप जानते है हम ऐसा क्यू करते है इसके पीछे हमारी कुछ धार्मिक मान्यता है और कुछ विज्ञान के तृत्थ भी है आइये इन्हे जानने का प्रयत्न करते है |

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार :-

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य को जल दिए बिना अन्न ग्रहण करना पाप हैं | अलंकारिक भाषा में वेदों में कहा है संध्या के समय सूर्य को दिए गए अध्य्र के जलकण ब्रज बनकर असुरो का नाश करते है इसलिए हम लोग नहाने के बाद सूर्य को पहले जल चलाते है |


विज्ञान के अनुसार :-

विज्ञान की दृष्टि में मनुष्य शरीर के अंदर असुर --- टाइफाइड , निमोनिया ,  टी.बी , आदि को कहा गया है | इनको नष्ट करने की दिव्य शक्ति सूर्य की किरणों में होती हैं | एन्थ्रेक्स के वायरस जो कई सालों के शुष्किकरण से नही मिटते , वे सूर्य की किरणों से एक -- डेढ़ घन्टे में मर जाते हैं | हैजा , निमोनिया , चेचक आदि के कीटाणु पानी में उबालने पर भी नहीं मरते किन्तु सूर्य की प्रभात कालीन किरणे इन्हें शीघ्र ही नष्ट कर देती हैं | इसलिये विज्ञान भी सूर्य को जल चढ़ाने की कहता है जिससे यह सब विकार सही हो सके |


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आँखे :- इंसान की दो आँखे क्यों होती है ?

आँखे इंसान के शरीर का वो महत्वपूर्ण अंग होता है जिससे इंसान प्रकृति के दिये हुए सुंदर सौंधर्य का दीदार करता है बिना आँखों से इंसान का जीवन...