Tuesday, July 30, 2019

नींबू , संतरा , टमाटर आदि का टेस्ट खट्टा क्यू होता है ?

संतरा , नींबू , टमाटर हमारे जीवन के खानपान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है संतरा , नींबू , टमाटर आज के जीवन में भोजन के समय ग्रहण करने वाली साधायण चीज़े है किन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि इन्ह सभी खाने वाली चीज़ों का टेस्ट खट्टा क्यू होता है ? इसके पीछे क्या कारण है जो कि इन्हें खट्टा बनाये रखती है न कि मीठा या तीखा ? दोस्तों इसके पीछे विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण कारण है जो कि संतरा , टमाटर , नींबू , जैसी चीज़ों कालोग सूर्य को जल क्यू डालते है ? टेस्ट खट्टा रहता है आइये समझते है


विज्ञान के अनुसार :-

दोस्तों , विज्ञान के अनुसार  संतरा , नींबू , टमाटर जैसी खाने वाली चीज़ों में oxalic acid और citric acid नामक नाम के पदाथ पाये जाते है जिनका टेस्ट खट्टा होता है और इन्हीं पदाथों के कारण ही संतरा , नींबू , टमाटर टेस्ट में खट्टे होते है


●◆  critic acid और oxalic acid के कारण ही  हम लोग संतरे , नींबू , का इस्तेमाल चेहरे के  निखार और मुँहासे हटाने के लिये करते है |

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★  किस कारण से हमारा खून लाल रंग का होता है ?

★  लोग सूर्य को जल क्यों डालते है ?



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Sunday, July 28, 2019

समुंद्री जहाज पानी में क्यो नही डूबती है ?

समुंद्री जहाज आज के विकसित और अल्कपनिये विज्ञान का दिया हुआ एक अद्भुत अविष्कार है जिसे आज के जमाने के लोग पानी के द्वारा यात्रा करने के लिये इस्तेमाल करके है इसमे कोई शक नही है कि समुंद्री जहाज ने पानी के द्वारा हमारी यात्रा को काफी सुखद और साथ ही काफी मनोरंजन भी बना दिया है किन्तु क्या आपको पता है कि समुंद्री जहाज पानी मे डूबती क्यू नही है ? और दूसरी तरफ  छोटी सी सुई डूब जाती है ? इसके पीछे विज्ञान ही है जिससे छोटी सी सुई डूब जाती किन्तु पानी का जहाज नही डूबता | चलिये जानते है इसके पीछे विज्ञान का कौन सा तृत्थ है |


विज्ञान के अनुसार :-

जब कोई बस्तु पानी में रहती है तब पानी उस बस्तु पर ऊपर की तरफ force लगाती है जिसकी वजह से वह बस्तु पानी मे तैरने लगती है पानी द्वारा लगाया गया फ़ोर्स उस बस्तु की size पर निर्भर करता है वस्तु का साइज जितना बड़ा होगा , पानी द्वारा फ़ोर्स भी उतना ही ज्यादा होगा | इसलिये समुंद्री जहाज का साइज बड़ा होने की वजह से उसपर ऊपर की तरफ पानी के द्वारा फ़ोर्स ज्यादा लगता है और पानी मे डुबती नही है वही दूसरी और सुई का साइज कम होने की वजह से उस पर कम फ़ोर्स लगता है इसलिये सुई पानी मे डूब जाती है |



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दोस्तों यही वजह है कि पानी मे जहाज नही डूबता और छोटी सी सुई डूब जाती है |

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Saturday, July 27, 2019

किस कारण से हमारा खून लाल रंग का होता है ?

जब भी हमारे खेलते समय या दैनिक जीवन के कार्य करते समय चोट लगती , तब हमारे शरीर में से लाल रंग का खून निकलने लगता है | किंतु कभी आपने सोचा है कि खून लाल रंग का ही क्यों होता है | अब यहां एक कहाबत याद आती है | मानते सब है किन्तु जानते कोई नही है | इसका मतलब है पता सबको है कि खून लाल रंग का होता है किन्तु जानते कोई नही है कि खून लाल रंग का क्यों होता है | अगर आपको नही पता तो हम बताते है |


हमारे शरीर मे तीन तरह की सेल्स होती है |

1.  रेड ब्लड सेल्स ( red blood cells )
2.  वाइट ब्लड सेल्स ( white blood cells )
3.  ब्लड प्लेटलेट्स ( blood platelets )

इन्ह तीनो सेल्ससो में से रेड ब्लड सेल्स अधिक मात्रा में होता है जिसका रंग लाल होता है जो कि हमारे शरीर के अन्य सेल्स वाइट ब्लड सेल्स और ब्लड प्लेटलेट्स के सेल्स रंग को फीका कर लाल रंग को अधिक मात्रा में प्रभावित करता है जिसका परिणाम स्वरूप हमारा खून , मास लाल रंग का होता है |


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एक साल में 365 दिन ही क्यों होते है ?

दोस्तों , आपके हमारे इस ब्लॉग में फिर से स्वागत है | आज हम आपको बताएंगे कि एक साल में 365 दिन ही क्यों होते है ?
दोस्तों , जब भी आपसे कोई पूछता है कि बताओ एक साल में कितने दिन होते है तो आपका जवाब होता है| 365 दिन | परन्तु कभी आपने यह जानने का प्रयास किया है कि एक साल में 365 दिन ही क्यों होते है | अब आप कहेंगे कि हमारे टीचर ने यही बताया है कि एक साल में 365  दिन होते है | किंतु यह इसका कारण नही है इसके पीछे का मुख्य कारण विज्ञान  है जो कि यह साबित करती है कि एक साल में 365 दिन होते है |



विज्ञान के अनुसार :-

यह बात तो सब जानते है कि पृथ्वी सूर्य के चारो तरफ चक्कर लगाती है | और विज्ञान की भाषा मे एक साल में उतने दिन होते है जितने पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर पूरा करने के लिए लेती है |
पृथ्वी सूर्य का एक पूरा चक्कर लगाने के लिऐ 365 दिन , 5 घण्टे , 48 मिनट्स और 47 सेकंड्स लेती है | इसे साधारण शब्दों में याद रखने के लिऐ हम केवल 365 दिन ही को ध्यान में रखते है और मान लेते है कि एक साल में 365 दिन होते है बाकी बचे समय को हर साल जोड़ देते है जिसका परिणाम स्वरूप हर चार साल बाद 1 दिन अतिरिक्त हो जाता है जिसे हम फरवरी के महीने में जोड़ देते है | इसलिए हर चार साल बाद फरवरी में 29 दिन होते है |


दोस्तों , यही कारण है कि एक साल में 365 दिन होते है और हर चार साल बाद फरवरी के महीने में 29 दिन हो जाते है |

जिस साल फरवरी में 29 दिन होते है उस साल को लीप ईयर ( leap year ) के नाम से जाना जाता है |
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रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical शेप का क्यू होता है ?

दोस्तों आपने बहुत सी रॉकेट organistion के बारे में सुना होगा जैसे कि NASA , ISRO जो भिन्न भिन्न तरीके के रॉकेट और सैटेलाइट बनाकर अंतरिक्ष मे भेजती है किन्तु क्या आपको पता है कि सारी organisation के रॉकेट का ऊपर वाला हिस्सा conical ही क्यों होता है इसके पीछे भी विज्ञान है जिसकी वजह से प्रत्येक रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical ही होता है 


विज्ञान के अनुसार :-
विज्ञान के अनुसार रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical आकार का होना आवश्यक है इसके पीछे विज्ञान के दो कारण है

पहला कारण :-

1.  हवा का प्रेशर :- जब भी रॉकेट हवा में    उड़ान भरता है तो सबसे पहले हवा के द्वारा प्रेशर ही रॉकेट को प्रभावित करता है इसलिए आसमान में हवा के प्रेशर को कम रखने के लिऐ रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical shape का होता है |

दूसरा कारण :-

2.  तापमान ( हीट ) :- जैसे जैसे रॉकेट आसमान मे ऊपर की और चला जाता है उसके साथ ही उसका तापमान भी ऊपर की और बढ़ने लगता है जिसकी वजह से रॉकेट के फटने की सम्भावना अधिक हो जाती है इसलिये रॉकेट के तापमान को संतुलित रखने के लिये भी रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical शेप का होता है |



दोस्तों यह है विज्ञान के दो कारण जिसकी वजह से रॉकेट का ऊपरी हिस्सा conical शेप का होता है
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आँखे :- इंसान की दो आँखे क्यों होती है ?

आँखे इंसान के शरीर का वो महत्वपूर्ण अंग होता है जिससे इंसान प्रकृति के दिये हुए सुंदर सौंधर्य का दीदार करता है बिना आँखों से इंसान का जीवन...